Visuddhimagga (Part 2) - विशुद्धिमग्ग (भाग 2)
अनुवाद : त्रिपिटकाचार्य डॉ. धर्मरक्षित
कुल पृष्ठ : 344
वजन : 580 ग्राम
बाइंडिंग : हार्ड कवर
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 22.5 चौड़ाई 15 ऊंचाई 3 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
'विशुद्धिमग्ग' (भाग 2), आचार्य बुद्धघोष द्वारा रचित 5वीं सदी के थेरवाद बौद्ध ग्रंथ 'पाथ ऑफ़ प्यूरिफिकेशन' (शुद्धि का मार्ग) का दूसरा खंड है। यह खंड 'समथ' (शांति/ध्यान) के व्यावहारिक प्रयोग पर केंद्रित है और निर्वाण की ओर ले जाने वाले अंतर्दृष्टि के चरणों का वर्णन करता है। इसका हिंदी अनुवाद त्रिपिटकाचार्य भिक्षु धर्म रक्षित ने किया था।