Visuddhimagga (Part 1) - विशुद्धिमग्ग (भाग 1)
अनुवादक : त्रिपिटकाचार्य डॉ. धर्मरक्षित
कुल पृष्ठ : 416
वजन : 670 ग्राम
बाइंडिंग : हार्ड कवर
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 22.5 चौड़ाई 15 ऊंचाई 3 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
विशुद्धिमग्ग (शुद्धि का मार्ग) 5वीं सदी का थेरवाद बौद्ध धर्म का एक बहुत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे विद्वान बुद्धघोष ने संकलित किया था। इस किताब का पहला भाग मुख्य रूप से 'शील' (नैतिकता, आचार-विचार और तपस्या) के बारे में है, जबकि बाद के हिस्सों में 'समाधि' (ध्यान और एकाग्रता) और 'पञ्ञा' (निर्वाण की ओर ले जाने वाली बुद्धि) के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसका हिंदी अनुवाद त्रिपिटकाचार्य भिक्षु धर्म रक्षित ने किया था।