Tirupati Balaji Ek Prachin Bauddh Vihar - तिरुपति बालाजी एक प्राचीन बौद्ध विहार
Product details
लेखक : डॉ. के. जमनादास
अनुवाद : डॉ. एम. एल. परिहार
कुल पृष्ठ : 120
वजन : 145 ग्राम
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : बुद्धम पब्लिशर्स
डॉ. के. जमनादास की किताब 'तिरुपति बालाजी: एक प्राचीन बौद्ध विहार', तिरुपति बालाजी मंदिर के बौद्ध परंपराओं से ऐतिहासिक और धार्मिक संबंधों की पड़ताल करती है। इसके कवर पर भगवान वेंकटेश्वर और बुद्ध की मूर्ति, दोनों की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई गई हैं, जो इस जगह की उत्पत्ति और विकास के तुलनात्मक अध्ययन का संकेत देती हैं। किताब की विस्तृत विषय-सूची एक व्यापक विश्लेषण की ओर इशारा करती है, जिसमें तिरुपति के इतिहास, देवता की प्रतिमा-कला और इस पवित्र तीर्थ स्थल के बौद्ध अतीत का संकेत देने वाले सबूतों पर अध्याय शामिल हैं। यह किताब ऐतिहासिक संदर्भ, मूर्ति के स्वरूप और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रभाव जैसे कई पहलुओं पर गहराई से चर्चा करती है। यह किताब भारतीय इतिहास, धार्मिक अध्ययन, पुरातत्व और आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए बेहतरीन है। इससे संबंधित अन्य किताबों में भारतीय मंदिरों के इतिहास, भारत में बौद्ध इतिहास, तुलनात्मक धर्म और दक्षिण भारत के क्षेत्रीय ऐतिहासिक वृत्तांतों पर आधारित किताबें शामिल हो सकती हैं।