दलित साहित्य

Upekshit Safai Kamgar Adrishya Annay - उपेक्षित सफाई कामगार अदृश्य अन्याय

Product details

लेखक : एच. आर. मलिण्डा
कुल पृष्ठ : 165
वजन : 195 ग्राम
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 22 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : बुद्धम पब्लिशर्स

एच. आर. मालिंडा की 'उपेक्षित सफाई कर्मचारी: अदृश्य अन्याय' शीर्षक वाली यह पुस्तक भारत में सफाई कर्मचारियों के चुनौतीपूर्ण जीवन की आलोचनात्मक जांच करती है। कवर में मैनहोल में काम करने वाले व्यक्तियों सहित इन श्रमिकों द्वारा सामना की गई कठोर वास्तविकताओं को दर्शाया गया है। सामग्री तालिका में पुस्तक के व्यापक दृष्टिकोण का विवरण दिया गया है, जिसमें अपशिष्ट निपटान के वैश्विक और ऐतिहासिक संदर्भ, भारत में विशिष्ट स्थिति, सफाई कर्मचारी समुदाय की सामाजिक और जातिगत गतिशीलता, उनके उत्थान की दिशा में प्रयास और उनके काम से जुड़े अस्पृश्यता के लगातार मुद्दे को शामिल किया गया है। पुस्तक में डॉ. बी.आर. का एक उद्धरण भी शामिल है। अम्बेडकर, 'शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संयुक्त रहो।' (शिक्षित करें, आंदोलन करें, संगठित करें।), सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव देते हुए। यह कार्य इन हाशिए पर रहने वाले समुदायों द्वारा सामना किए जाने वाले अदृश्य अन्यायों पर प्रकाश डालता है। यह पुस्तक सामाजिक न्याय, जाति भेदभाव, श्रम इतिहास, मानवाधिकार और डॉ. बी.आर. के सामाजिक-राजनीतिक लेखन पर अन्य साहित्य के साथ संगत होगी। अंबेडकर.

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