Shudro Ka Itihas - शूद्रों का इतिहास - Who Were The Shudras
Product details
लेखक : डॉ. बी. आर. अम्बेडकर
कुल पृष्ठ : 120
वजन : 145 ग्राम
बाइंडिंग : पेपरबैक
साइज : लंबाई 22 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : बुद्धम पब्लिशर्स
डॉ. बी.आर. अंबेडकर की लिखी यह किताब 'शूद्रों का इतिहास' (History of Shudras), शूद्र समुदाय के ऐतिहासिक और सामाजिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल करती है। इसके कवर पर अंग्रेज़ी में 'WHO WERE THE SHUDRAS' (शूद्र कौन थे) प्रमुखता से लिखा है, जो भारतीय सामाजिक ढांचे में शूद्रों की उत्पत्ति, उनकी स्थिति और उनके पतन पर किताब के फोकस को दर्शाता है। इसकी विषय-सूची में 'शूद्रों की पहेली' (The Riddle of the Shudras), 'शूद्रों की उत्पत्ति का ब्राह्मणवादी सिद्धांत' (The Brahminic Theory of the Origin of the Shudras), 'शूद्र बनाम आर्य' (Shudras Versus Aryans) और 'शूद्रों का पतन' (The Degradation of the Shudras) जैसे अध्याय शामिल हैं, जो ऐतिहासिक वृत्तांतों और सामाजिक ऊंच-नीच की आलोचनात्मक जांच का संकेत देते हैं। भारत में जातिगत गतिशीलता और सामाजिक न्याय को समझने के लिए यह एक महत्वपूर्ण रचना है। इसके साथ पढ़ी जा सकने वाली अन्य किताबों में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की 'एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट' (Annihilation of Caste) या 'द बुद्धा एंड हिज़ धम्मा' (The Buddha and His Dhamma) शामिल हो सकती हैं; साथ ही भारतीय सामाजिक इतिहास, जाति व्यवस्था के अध्ययन, या प्राचीन भारतीय समाज और उसके सामाजिक स्तरीकरण के ऐतिहासिक विश्लेषण पर आधारित किताबें भी इसके पूरक के तौर पर उपयोगी हो सकती हैं।