मनुस्मृति और पाखंड विरोधी साहित्य

Nevla Aur Sanp - नेवला और सांप

Product details

लेखक : डॉ. रामनाथ (पूर्व कुलपति)
कुल पृष्ठ : 71
वजन : 110 ग्राम
भाषा : हिंदी 
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM 
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन

'नेवला और सांप' (नेवला और सांप) शीर्षक वाली यह पुस्तक, पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) रामनाथ द्वारा लिखित हास्य व्यंग्यों ('हास्य अन्याय') का एक संग्रह है। कवर आर्ट में एक नेवले और एक कोबरा को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है, जो पुस्तक के शीर्षक और संभवतः इसकी विषयगत सामग्री को दर्शाता है, जिसमें अक्सर संघर्ष या विरोधाभासी तत्व शामिल होते हैं। सामग्री की तालिका विभिन्न सामाजिक और समसामयिक मुद्दों पर व्यंग्य निबंधों की एक श्रृंखला को उजागर करती है, जैसे 'नेवला और सांप की लड़ाई' (नेवले और सांप के बीच लड़ाई), 'नेवला और सांप की लड़ाई' (नेवला और सांप के बीच लड़ाई), 'नेवला से गरीब, दार्शनिक से मलामल' (गरीबों से नेता, अमीर से श्रमिक), 'आरक्षण विरोधी बैसाखानंद' (आरक्षण विरोधी बैसाखानंद), और 'अंतिम इच्छा' (अंतिम इच्छा)। सम्यक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक समाज पर व्यावहारिक और मजाकिया टिप्पणी प्रस्तुत करती है। हिंदी व्यंग्य साहित्य, सामाजिक टिप्पणी या प्रो. (डॉ.) रामनाथ की रचनाओं में रुचि रखने वाले पाठकों को यह पुस्तक आकर्षक लगेगी। समकालीन हिंदी व्यंग्यकारों की अन्य पुस्तकें या सामाजिक मुद्दों पर निबंधों के संग्रह को पूरक रूप से पढ़ा जा सकता है।

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