Itihas Ka Muayna - इतिहास का मुआयना

'इतिहास का मुआयना' नाम की यह किताब डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने लिखी है। इसके कवर पर बनी पुरानी मूर्तियाँ और खंडहर साफ़ बताते हैं कि यह किताब इतिहास या पुरातत्व से जुड़े विषयों पर आधारित है। लेखक की पहले छपी किताबों को देखें - जिनमें भाषा, साहित्य और क्षेत्रीय अध्ययन (खासकर भोजपुरी) पर किताबें शामिल हैं - तो लगता है कि यह किताब इतिहास का गहराई से विश्लेषण या सर्वेक्षण करती है, जिसमें शायद भारतीय या क्षेत्रीय ऐतिहासिक संदर्भों पर खास ध्यान दिया गया है। यह किताब उन पाठकों को पसंद आएगी जो भारतीय इतिहास, सांस्कृतिक अध्ययन या डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह के अकादमिक योगदान में रुचि रखते हैं। ग्राहक इसी लेखक की दूसरी किताबों या भारतीय इतिहास के खास दौर, क्षेत्रीय भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत पर लिखी किताबों में भी रुचि ले सकते हैं।

Only 5 left in stock Hurry up

Similar products