Gulamgiri - गुलामगिरी
Product details
लेखक : ज्योतिराव फुले
कुल पृष्ठ : 103
भाषा : हिंदी
वजन : 136 ग्राम
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
'गुलामगिरी' (गुलामगिरी) नामक यह पुस्तक प्रसिद्ध समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की एक मौलिक कृति है, जिसका अनुवाद डॉ. विमलकीर्ति ने किया है और सम्यक प्रकाशन द्वारा प्रकाशित किया गया है। कवर आर्ट में ज्योतिबा फुले की छवि और जंजीरों में जकड़े एक व्यक्ति का प्रतीकात्मक चित्रण है, जो पुस्तक के विषय 'गुलामी' या 'बंधन' को दर्शाता है। सामग्री की विस्तृत तालिका विभिन्न सामाजिक समूहों, उनके ऐतिहासिक संदर्भों और भारत में सामाजिक असमानताओं और जाति व्यवस्था के एक महत्वपूर्ण विश्लेषण की व्यापक खोज का संकेत देती है। यह विभिन्न समुदायों की उत्पत्ति और भूमिकाओं पर प्रकाश डालता है, उस समय के सामाजिक ताने-बाने में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। भारतीय सामाजिक इतिहास, सामाजिक सुधार आंदोलनों के इतिहास, जाति अध्ययन और ज्योतिबा फुले के दार्शनिक योगदान में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह पुस्तक पढ़ना आवश्यक है। पाठकों को ज्योतिबा फुले के अन्य कार्यों, उनकी पत्नी और साथी सुधारक सावित्रीबाई फुले की जीवनियों, या भारत में जाति व्यवस्था के ऐतिहासिक और समकालीन पहलुओं पर अकादमिक अध्ययनों में भी रुचि हो सकती है।