Dharm Ke Naam Par Shoshad Ka Dhandha - धर्म के नाम पर शोषण का धंधा
Product details
लेखक : बड़े लाल मौर्य उर्फ प्रोफेसर जी
कुल पृष्ठ : 328
वजन : 400 ग्राम
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 2 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
'धर्म के नाम पर शोषण' (Exploitation in the Name of Religion) नाम की यह किताब धार्मिक रीति-रिवाजों के कई पहलुओं पर गहराई से बात करती है। इसमें अंधविश्वास, आत्मा की अवधारणा और पारंपरिक रीति-रिवाजों (जैसे मृत्यु-भोज) जैसे विषयों की आलोचनात्मक समीक्षा की गई है। किताब की विषय-सूची से पता चलता है कि इसमें इस बात का विस्तार से विश्लेषण किया गया है कि धर्म का इस्तेमाल शोषण के लिए कैसे किया जा सकता है। यह एक नॉन-फ़िक्शन किताब है, जिसका मकसद धार्मिक मान्यताओं से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर रोशनी डालना है। जो पाठक समाज सुधार, धर्म के आलोचनात्मक अध्ययन या बड़े लाल मौर्य की रचनाओं में रुचि रखते हैं, उन्हें यह किताब जानकारीपूर्ण लग सकती है। इससे मिलती-जुलती अन्य किताबों में तर्कवाद, सामाजिक टिप्पणी या धार्मिक मान्यताओं की दार्शनिक आलोचना पर आधारित किताबें शामिल हो सकती हैं।