Chamar Regiment Aur Uske Bahadur Sainiko Ke Vidroh Ki Kahani Unhi Ki Jubani - चमार रेजिमेंट और उसके बहादुर सैनिकों के विद्रोह की कहानी उन्हीं की जुबानी
Product details
लेखक : डॉ. सतनाम सिंह
कुल पृष्ठ : 304
वजन : 373 ग्राम
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 2 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
डॉ. सतनाम सिंह की लिखी किताब 'चमार रेजिमेंट और उसके बहादुर सैनिकों के विद्रोह की कहानी उन्हीं की जुबानी', चमार रेजिमेंट का विस्तृत ऐतिहासिक और जीवनी-संबंधी ब्यौरा देती है। इसके कवर पर सैनिकों की एक ग्रुप फ़ोटो और एक बैल की कांस्य प्रतिमा है, जो इसके सैन्य और ऐतिहासिक विषय की ओर इशारा करती है। किताब की विषय-सूची से पता चलता है कि इसमें रेजिमेंट के इतिहास की व्यापक पड़ताल की गई है, जिसमें सैनिकों के इंटरव्यू, उनकी बहादुरी पर चर्चा और उनके विद्रोह व अंततः रेजिमेंट को भंग किए जाने की परिस्थितियों का ज़िक्र है। यह किताब भारतीय सैन्य इतिहास, सामाजिक इतिहास और भारत में जातिगत गतिशीलता व आंदोलनों के अध्ययन में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए काफ़ी दिलचस्प हो सकती है। इससे मिलती-जुलती अन्य किताबों में भारतीय सैन्य इकाइयों के ऐतिहासिक वृत्तांत, प्रमुख भारतीय सैनिकों की जीवनियाँ या भारतीय उपमहाद्वीप में सामाजिक न्याय और दलित इतिहास पर अकादमिक रचनाएँ शामिल हो सकती हैं।