Brahdrath Maurya Ki Hatya - बृहद्रथ मौर्य की हत्या
आचार्य जुगल किशोर बौद्ध की यह किताब, जिसका शीर्षक 'बृहद्रथ मौर्य की हत्या' (Murder of Brihadratha Maurya) है, मौर्य काल और भारत में बौद्ध धर्म के पतन से जुड़ी घटनाओं का गहराई से ऐतिहासिक विश्लेषण करती है। इसकी विषय-सूची में 'शानदार अतीत पर हमला', 'बुद्ध-धम्म का दुश्मन और भिक्षुओं का बेरहम हत्यारा पुष्यमित्र', 'बुद्ध-धम्म के खिलाफ इतिहास की सबसे भयानक साजिश', 'बौद्ध भारत पर ब्राह्मणवादी हमला' जैसे विषय और पुष्यमित्र शुंग की कड़ी निंदा शामिल है। लेखक की पृष्ठभूमि से पता चलता है कि उनका ध्यान बौद्ध नजरिए और ऐतिहासिक व्याख्याओं पर है। यह किताब उन पाठकों के लिए उपयुक्त है जिनकी रुचि प्राचीन भारतीय इतिहास, खासकर मौर्य और शुंग राजवंशों, बौद्ध धर्म के इतिहास और ऐतिहासिक घटनाओं की सामाजिक-राजनीतिक आलोचना में है। इससे जुड़ी अन्य उपयोगी चीजों में प्राचीन भारत के अन्य ऐतिहासिक विश्लेषण, बौद्ध दर्शन पर किताबें, डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जीवनियाँ और मौर्य-बाद के भारत की सामाजिक-धार्मिक स्थितियों पर आधारित रचनाएँ शामिल हो सकती हैं।