Bhagwat Tirth Shravasti Adi Se Aaj Tak - भगवत तीर्थ श्रावस्ती आदि से आज तक
लेखक : भिक्षु विमल तिस्स
कुल पृष्ठ : 56
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : बुद्धम पब्लिशर्स
भिक्षु विमल तिस की लिखी किताब 'भगवत तीर्थ श्रावस्ती: फ्रॉम बिगिनिंग टू नाउ' (श्रावस्ती: शुरुआत से अब तक), एक अहम ऐतिहासिक और धार्मिक जगह, श्रावस्ती के बारे में विस्तार से जानकारी देती है। इसके कवर पर बुद्ध और पुराने समय का एक दृश्य दिखाया गया है, जो बताता है कि किताब इस इलाके के समृद्ध अतीत पर केंद्रित है। किताब की विषय-सूची से पता चलता है कि इसमें श्रावस्ती के प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास, इसके भौगोलिक और पुरातात्विक पहलुओं, और बौद्ध व जैन परंपराओं में इसके महत्व को शामिल करने वाले अध्याय हैं। यह किताब बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं, जेतवन और अनाथपिंडक के स्तूप जैसी प्रमुख बौद्ध जगहों, और फाहियान व ह्वेन त्सांग जैसे यात्रियों के ऐतिहासिक वृत्तांतों की गहराई से पड़ताल करती है। इसमें बौद्ध धर्म में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के योगदान पर भी चर्चा की गई है। यह किताब भारतीय इतिहास, बौद्ध अध्ययन, जैन धर्म, तीर्थयात्रा गाइड या उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक मूल्यवान संसाधन होगी। यह बौद्ध दर्शन, प्राचीन भारतीय वास्तुकला या इन क्षेत्रों से जुड़ी ऐतिहासिक हस्तियों की जीवनियों पर लिखी गई अन्य रचनाओं के साथ एक बेहतरीन पूरक साबित होगी।