Bhagwadgita Vipassana Ki Chhaya Me - भगवदगीता विपश्यना की छाया में - Bhagwad Gita The Echo Of Vipassana
Product details
लेखक : के कुमार
कुल पृष्ठ : 170
वजन : 200 ग्राम
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
के. कुमार की लिखी किताब 'भगवदगीता विपश्यना की छाया में' (Bhagwad Gita: The Echo of Vipassana), प्राचीन हिंदू ग्रंथ भगवदगीता और बौद्ध ध्यान तकनीक 'विपश्यना' के बीच गहरे संबंधों की पड़ताल करती है। हिंदी में लिखी गई यह किताब विपश्यना के सार, बुद्ध की साधना में 'आनापान' के महत्व और भगवद गीता के उद्देश्यों जैसे कई पहलुओं पर चर्चा करती है और बताती है कि गीता की शिक्षाओं में विपश्यना की किस तरह प्रशंसा की गई है। किताब के कवर पर बुद्ध की तस्वीर है, जो इसमें चर्चा किए गए ध्यान और आध्यात्मिकता के विषयों को दर्शाती है। लेखक के. कुमार एक अनुभवी पत्रकार और वकील हैं, जो इस आध्यात्मिक मेल-जोल को एक अनोखा नज़रिया देते हैं। यह किताब उन पाठकों के लिए बहुत अच्छी है जिनकी रुचि तुलनात्मक धर्म अध्ययन, ध्यान और हिंदू व बौद्ध धर्म के दार्शनिक आधारों में है। इससे जुड़ी अन्य किताबों में भगवदगीता की टीकाओं, विपश्यना ध्यान गाइड, बौद्ध दर्शन की किताबों, हिंदू आध्यात्मिक साहित्य या विभिन्न धर्मों के बीच संवाद पर आधारित रचनाओं को शामिल किया जा सकता है।