Bhad Me Jaye Jati Janmana Va Karmana - भाड़ में जाए जाति जन्मना व कर्मणा
Product details
लेखक : डॉ. सुरेंद्र अज्ञात
कुल पृष्ठ : 80
भाषा : हिंदी
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 1 CM
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन
'भाड़ में जाए जाति जन्मना व कर्मणा' नाम की यह किताब डॉ. सुरेंद्र अज्ञात ने लिखी है। डॉ. अज्ञात 40 से ज़्यादा सालों के अनुभव वाले एक जाने-माने लेखक हैं, जिन्होंने हिंदी, पंजाबी, संस्कृत और अंग्रेज़ी में बौद्ध धर्म और अंबेडकरवाद पर बहुत कुछ लिखा है। उनके पास कई M.A. डिग्रियां और संस्कृत में Ph.D. है, और उन्हें गोल्ड मेडल और स्कॉलरशिप जैसे एकेडमिक सम्मान भी मिले हैं। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं और दूसरी किताबों का हिंदी में अनुवाद भी किया है; 'बुद्ध, धम्मपद और आंबेडकर' उनकी एक खास रचना है। उन्होंने 'Letters of Ambedkar' का संपादन भी किया है। यह किताब तर्कसंगत और वैज्ञानिक सोच को समर्पित एक सीरीज़ का हिस्सा है, जो पारंपरिक मान्यताओं को चुनौती देती है और अंबेडकर के विचारों को बढ़ावा देती है। यह किताब तर्कवाद और समाज सुधार के क्षेत्रों में डॉ. अज्ञात की गहरी समझ और योगदान को दिखाती है। जो ग्राहक इस किताब में रुचि रखते हैं, वे डॉ. सुरेंद्र अज्ञात की दूसरी रचनाओं, या अंबेडकरवाद, बौद्ध दर्शन, समाज सुधार या हिंदी में तर्कसंगत सोच पर आधारित किताबों में भी रुचि ले सकते हैं।