ऐतिहासिक साहित्य

Bamcef Ki Patrakarita - बामसेफ की पत्रकारिता

Product details

लेखक : डॉ. रूपचंद गौतम
कुल पृष्ठ : 224
भाषा : हिंदी 
वजन : 275 ग्राम
बाइंडिंग : पेपरबैक
साइज : लंबाई 21 चौड़ाई 14 ऊंचाई 2 CM 
प्रकाशन : सम्यक प्रकाशन

डॉ. रूपचंद गौतम की किताब 'बामसेफ की पत्रकारिता' (BAMCEF Ki Patrakarita), बामसेफ (BAMCEF) की पत्रकारिता से जुड़ी कोशिशों और मीडिया रणनीतियों की गहरी जानकारी देती है। इसकी विषय-सूची से पता चलता है कि इसमें बामसेफ के अलग-अलग प्रकाशनों (जैसे 'द ऑप्रेस्ड इंडियन' और 'बहुजन नायक'), इसके यूट्यूब चैनलों और सामाजिक व राजनीतिक आंदोलनों में इसकी भागीदारी का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। यह किताब मान्यवर कांशीराम और मूलचंद जैसी अहम हस्तियों के योगदान पर भी रोशनी डालती है। इसमें प्रिंट, ऑडियो और वीडियो जैसे अलग-अलग मीडिया माध्यमों से हाशिए पर मौजूद समुदायों की वकालत करने में बामसेफ की भूमिका को गहराई से समझाया गया है। यह संगठन के ढांचे—जिसमें इसके समर्पित कार्यकर्ता (कैडर), मेडिकल विंग और राजनीतिक शाखा 'बहुजन समाज पार्टी' शामिल हैं—के बारे में भी जानकारी देती है। भारत में दलित पत्रकारिता और सक्रियता के इतिहास और प्रभाव को समझने के लिए यह किताब एक अहम संसाधन हो सकती है। इसके साथ पढ़ी जा सकने वाली अन्य किताबों में दलित साहित्य, भारतीय समाज सुधार आंदोलनों, भारत में मीडिया के इतिहास या पहचान की राजनीति और सामाजिक न्याय पर केंद्रित राजनीति विज्ञान की किताबें शामिल हो सकती हैं।

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